हम आपकी स्मृतियां हैं; छूटे हुए वो ख्याल हैं-जो SMS और मेसेंजर में सिकुड़ गए हैं

हम आपकी स्मृतियां हैं। छूटे हुए वो ख्याल हैं/ यादें हैं, जो एसएमएस और मेसेंजर में…

क्या पुरा करोगे तुम अपना वादा?

खत.. प्रिय (कवि जी) कैसे हो ? आई हॉप, अच्छे होगे तुम! अच्छे नहीं भी होगे…

हे, कु-प्रिय… जब भी बनना किसी का प्रिय बनना

हे, कु-प्रिय, मेरे पास कोई शब्द बचा ही नहीं था जिससे कि मैं तुम्हे सम्बोधित कर…

दरवाजे पर लटका लैटर-बॉक्स… अब केवल यादें हैं

खत एक वक़्त था जब डाकिए के दरवाजे पर दस्तक देते ही मन की दीवार पर…