ट्राम में एक याद

धरती पर कैसे आया नृत्य बता रहे हैं ‘पारंपरिक नृत्य और सिनेमा’ किताब के लेखक



कविता: पिता के लिए टीस बन जाती है तीस की बेटी

हम सपने क्यों देखते हैं, संजय के साथ सपनों की बात

ये लौंडा कनपुरिया स्टाइल में बता रहा है ख़तों की दास्तान -लौंडों से करिन ये खास अपील

कुमाऊंनी में चिट्ठी और डाकिये की बात

खत़ की बात प्रकाश उप्रेती के साथ- खून से लिखा है ख़त, स्याही न समझना

ख़त लिए अपने गांव के नाम, खेत-खलिहानों के नाम