गिरीश कर्नाड का नाटक ययाति: यह एक नहीं, प्रत्येक मनुष्य की जीवन कथा है

पहले मेज! फिर कुर्सी हिली उसके बाद बेड भी डोलने लगा। धीरे धीरे लैपटॉप, पंखा उसके…