शिक्षक दिवस 2019: उन गुमनाम गुरुओं के नाम जिन्होंने निस्वार्थ भाव से गले लगाया

प्रत्येक व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षक की अहम भूमिका होती है। बचपन से लेकर जवानी…

कबीर सिंह : ये कैसा नायक है!

कबीर सिंह फिल्म देखने के बाद निराश हूं और चिंतित भी। आखिर-  हमारे समाज को किस…

सदियों से प्रेम की ‘लैला’ 2019 में नेटफ्लिक्स पर क्यों बन गई समाज के लिए विभाजनकारी?

इस सीरीज का विरोध कीजिए क्योंकि अभी तक राजनीति बांटती थी और अब यह पर्दा भी…

मैं कहानियों में रहता हूं, किरदार रचता हूं

उन पटरियों से मोहब्बत की ट्रेनें गुजरती हैं.! जिंदगी कहानियों का गुलदस्ता है. हम सब कहानियों में…

टीवी पर भारत-पाक मैच चल रहा था, स्कोर पूछने पर मिला ये जवाब

मैं, मुनीश और अजित बागेश्वर से आ रहे थे। रात बहुत हो चुकी थी। भतरौजखान में…

100 टका शुद्ध न्यूज खुद झूठ-मक्कारी का कफन होती है दोस्त

प्रिय न्यूज एंकरों/प्रेजेंटेटरों आज फिर मैं एक चिट्ट्‌ठी लिखने की कोशिश कर रहा हूं। जो कि…

तुम मेरे आत्मा के स्वाभिमान को कैसे जिन्दा करोगे?

अगर हमारे स्वाभिमान को ठेस पहुंचती है तो उसके द्वारा मिले जख्मों पर मरहम लगाया जा…