कवि केदार के घर में कुदाल के लिए जगह न थी

कहना न होगा कि वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह का कवि मन अपने लोक, लोक-जन और लोक-विषयों…

हिमयुग से भी पहले धरती पर आया चीड़, जीवों को बनते और नष्ट होते इसने देखा

चीड़ के वृक्षों ने धरती के इतिहास की सभी कहानी देखी। समुंद्री आदमी की प्रजाति होमो…

‘खत और ख्वाब’- नवीन पोखरिया की कहानी

दिन की तपती उबासी ने रंग बदल, शाम की उदासी को अपने आग़ोश में लिया ही…

पीड़ा और अवसाद की कवयित्री जिसे मरने के बाद मिला पुलित्जर

सांझ होने को है…। रोशनी, अंधेरे में गुम होती जा रही है। पर्दा हिल रहा है।…

तुम सच में मां जैसी नहीं थीं, बल्कि तुमने मुझे ही मां बना लिया था

तुम सच में मां जैसी नहीं थीं, बल्कि तुमने मुझे ही मां बना लिया था.मैं अक्सर…

अधूरे होने की कहानी जो सुनानी है

अधूरे होने की भी कहानी होती है जिसे मैं सुनना चाहती हूं। ‘ दो साल के…

ओह! मेरी नोआ आखिर तुमने ऐसा क्यों किया…?

प्यारी नोआ ये ख़त तुम्हारे और उन लड़कियों के नाम जो जीवन से हार कर मृत्यु…

प्यारी सखी! मैं भी तुम्हारी तरह एक आम मां हूं

प्यारी सखी पहले तो माफ़ी क्योंकि ये दोस्ती के उसूलों के खिलाफ है कि दो दोस्तों…

..जो समझता है प्रेम करता है, जो कुछ नहीं समझता व्यर्थ है

एक पाती प्रेम के नाम प्रेम, गुलाब की पंखुड़ियों में होता तो चंद घंटे बाद गुलाब…