दिल्ली में नहीं, तेरे दिल में रहती हूं… रे पहाड़

ओ पहाड़! कैसा है रे!! तू सोचेगा वर्षों बाद याद कैसे आई। नहीं रे, भूली कहां…

मैं और कोई नहीं तुम्हारा ‘ख़त’ हूं

डियर, सभी ख़त लिखने वालों मैं और कोई नहीं तुम्हारा ‘ख़त’ हूं. शायद तुम खत लिखना…

ए मेरे अजीज..आपका कल संवारने के लिए मैंने अपना आज खो दिया

प्यारे दोस्त.. मैं पूरी ज़िम्मेदारी से यह ख़त आपके नाम लिख रहा हूं। लिखते हुए मेरे…

मैं तुम्हें एक औरत की दूसरी औरत के प्रति जिम्मेदारी के रूप में देखती हूं

साझा सपनों को अकेला पूरा करने की ज़िद के नाम ख़त प्रिय चियु क्या करूं चिया…

भागना जरूरी होता है फिर वह प्रेम हो या सपना

लड़कियां घर से भागती हैं और सवालों के घेरे में हर दूसरी लड़की खड़ी कर दी…

पुरुषों के प्रति मेरे अविश्वास को विश्वास प्रदान किया तुमने

मेरे प्रिय         बात यहां ख़तोकिताबत की नहीं है, विकल्प की है, क्योंकि प्रत्यक्ष…

माफ करना पापा, कुछ कमी मेरी थी तो कुछ आपकी

प्रिय पापा नमस्ते मुझे माफ करना। आपने बेटा-बेटी में कभी कोई भेद नहीं किया। भाई की…

घंटी का पत्र हथौड़े के नाम- तुम्हारे बिना मेरा मायना ही खत्म हो जाता

प्रियतम हथ्थे,                  इस बार की गर्मियों की छुट्टियां…

प्रिय गुरुजी- आपकी सादगी, सरलता और कर्तव्यनिष्ठता को मेरा प्रणाम

प्रिय गुरुजी सादर प्रणाम आपके दर्शन, दुर्लभ हो गए। जब होते हैं आपका अपना वक्त अपना…

मैं तुम्हारे सारे ई- खतों को डिलिट कर जख्मों को खुली हवा देना चाहती हूं

डिअर अजनबी. मुझे आज भी इस बात का अहसास है कि तुम्हारे दिल में मैं एक…