उज्ज्वल शुक्ला की कविता: प्रेम के मेनिफेस्टो का खाली कागज़

______________________________ मैं प्रेम का मेनिफेस्टो लिखने बैठता हूँ एक पतंग की डोर हाथों में आती है…

पढ़ें प्रेरणा मिश्रा की 4 कविताएं- ‘अगाध प्रेम’ से लेकर ‘आंसू’ तक

1- अगाध प्रेम काश महसूस कर सको, तुम मेरे अगाध प्रेम को, जो मैं केवल तुमसे…

कहानी सानधुरा की जहां पीताम्बर दत्त कन्वर्ट होकर पीटर दत्ता और जगन्नाथ तिवारी जे. तेवार्सन हो गये

चाचा को जाना तो बेरीनाग था लेकिन पता नहीं क्या सूझा कि किड़ू ‘दा को साथ…

घासी….और दद्दा की बत्तीस प्रेमिकाएं- आने वाले उपन्यास पर कुछ बात



निधि उछोली की कहानी: माया और प्रेम

जुलाई का महीना था। शाम के चार बज रहे थे। बाहर उमस थी। आसमान बादलों से…

लघु कहानी- हिलमणी का रेडियो

वॉइस कमांड के इस युग में हिलमणी होते तो बेटे का लाया रेडियो कभी नहीं तोड़ते।…

डॉ कुसुम जोशी की लघुकथा: ठुल कुड़ी

फिर उसने आमा से चिरौरी की “ठुल कुड़ी” दिखा दो आमा.. परसों कॉलेज खुल जायेगा और…

लघुकथा- अजनबी आंगन

नवल ददा अपनी नवेली ब्योली को लेकर अभी अभी घर पहुंचे थे। बाबा, बाबू ,ताऊजी चाचा,…

प्रेम और प्रतीक्षा -क्या मठ में होना वैसा ही है जैसा एक मत में होना?

  भंते! क्या तुम्हारा और मेरा संघ में होना, एक जैसा है ? क्या साधु और…

मातृवंशात्मक समाज में स्त्री

सभ्यता के आरंभिक इतिहास से यह ज्ञात होता है कि मानव समाज गुफाओं और कंदराओं में…