खदान मजदूरी और तीन सौ गायों की रखवाली करने वाला लेखक जिसने कम्युनिस्ट व्यवस्था के माथे पर डाली शिकन

1954 को ग्यूला (हंगरी) में जन्मे लाज़्लो क्रास्नाहोर्का ने अपने पहले ही उपन्यास ‘सेंटेटेगो’ से साहित्य…

धरती पर कैसे आया नृत्य बता रहे हैं ‘पारंपरिक नृत्य और सिनेमा’ किताब के लेखक



‘मुझे धूप में तपाने के लिए मेरे खेतों, मेरी कुदालों का शुक्रिया’

विहाग वैभव युवा कवि हैं। वाराणसी में रहते हैं। उन्हें भारत भूषण पुरस्कार- 2018 देने की…

पहली बार- रामदेव धुरंधर के आरोपों पर कमल किशोर गोयनका का जवाब

(रामदेव धुरंधर द्वारा कमल किशोर गोयनका पर लगाए गए आरोपों के संदर्भ में … ) साहित्य…

तुम लय और बोध में रहना बेटे विधान, बाकी जो होना है हो जाना

बेटे विधान के लिए एक पाती..! जीवन प्रकाशमान हो, प्रकाश की तरह गति वाला ना हो…

‘अगर हमारी शादी हो गई होती तो मैं कुछ नहीं होती, मर गई होती’

डियर… तुम्हारे लिये कोई उपयुक्त सम्बोधन नही मिला इसलिये जगह ख़ाली छोड़ दी। तुम्हें मेरे लिये…

1947 के बाद जबकि हम दूसरे आम चुनाव मे हैं!

प्रिय प्रधानमंत्री जी, अच्छा हुआ कि आपने और आपकी पार्टी ने इस बार घोषणा पत्र की…