सावित्री बाई फुले: स्त्री शिक्षा और अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली शिक्षिका

उन्हें विद्यालय जाते समय अंडो, कीचड़, टमाटर, पत्थर से मारा जाता था ताकि वह लड़कियों को…

पुराना जूता और इलाहाबाद स्टेशन- वकील के साथ मेरा किस्सा

मैं बेरोजगार था। अचानक एक दिन इलाहाबाद से फोन आया। नंबर सेव नहीं था। किसी भी…

पुरुषों के प्रति मेरे अविश्वास को विश्वास प्रदान किया तुमने

मेरे प्रिय         बात यहां ख़तोकिताबत की नहीं है, विकल्प की है, क्योंकि प्रत्यक्ष…

ओह! मेरी नोआ आखिर तुमने ऐसा क्यों किया…?

प्यारी नोआ ये ख़त तुम्हारे और उन लड़कियों के नाम जो जीवन से हार कर मृत्यु…

श्रद्धेय गुरुवर..आपके चरित्र में ही भगवान का दर्शन पाया मैंने

श्रद्धेय गुरुवर, सादर वंदन! चरण-स्पर्श! गुरुवर मैं आजतक अनभिज्ञ था ज्ञान से, और व्यवहार से भी!…

बिछुड़े मित्र को एक ख़त

पुराने कागजों में आज यह आधा-अधूरा पत्र मिल गया – इसे कभी पूरा करके, परिचित के…

ऐ जाते हुए लम्हों जरा ठहरो …

केदारनाथ सिंह जब यह कह रहे थे कि ‘जाना हमारे समय की सबसे खतरनाक क्रिया का…

‘संस्कृति’ आत्मा और वैदिक धर्म ‘पथ प्रदर्शक’ है

आत्मीय युवाशक्ति यह पत्र आपको समर्पित है। आप ही भारतीय संस्कृति, सभ्यता, वैदिक साहित्य एवं दर्शन…

क्या हैं सपने जो हम देखते हैैं? जब बच्चा था मां के पास बैठकर पूछता रहता था

दोस्तों ये ख़त मेरा उन सभी युवा साथियों के लिए है जो रोज़मर्रा की भेड़चाल से…

सखी! तुम्हारे ये शब्द मेरे कानों में हथौड़े की तरह बजे

प्यारी सखी पहले तो माफ़ी क्योँकि ये दोस्ती के उसूलों के खिलाफ है कि दो दोस्तों…