‘पहाड़ के हाड़’: गिर्दा की स्मृति को सलाम!

आज हिमालै तुमुकै धत्यूं छौ जागो – जागो ओ मेरा लाल बरसों पहले पौड़ी के जिला…

मुअनजोदड़ो : एक खोई हुई दुनिया

साहित्य की विभिन्न विधाओं, मसलन–कहानी, उपन्यास, कविता और नाटक के साथ-साथ यात्रा वृत्तांत भी शुरुआत से…

गिरीश कर्नाड का नाटक ययाति: यह एक नहीं, प्रत्येक मनुष्य की जीवन कथा है

पहले मेज! फिर कुर्सी हिली उसके बाद बेड भी डोलने लगा। धीरे धीरे लैपटॉप, पंखा उसके…

‘मुझे तुम्हारे जाने से नफरत है’ से गुजरते हुए मुझे तुम्हारी कहानियों से मोहब्बत-सी हो गई

कुछ बात है कि धुंधली नहीं होती हस्ती तुम्हारी…। तुम सचमुच अजीब हो. कविता हो, कहानी…

बिना स्वतंत्रता के सबसे सुखी होने का ये कैसा भरोसा?

किताब: एक रोमांचक सोवियत रूस यात्रा लेखक: डोमिनीक लापिएर वृतांत लिखा जाना इतिहास लिखने जैसा है।…

गिरिराज किशोर ‘बा’: नेपथ्य में ठहरी स्त्री की भूमिका को ईमानदारी और मजबूती से बताने वाली किताब

उंची इमारतों के कंगूरे ही दिखाई देते हैं। नींव की ईंट तो गहरे अंधेरों में ख़ामोश…

ख़त मतलब भावनाओं को कुरेद-कुरेद कर लिखना, पढ़-पढ़ कर फिदा होना

प्रिय ललित आप कबसे कहते आ रहे हैं कि ख़त लिखिए, ख़त लिखिए, किसी को भी…

थोड़े आलसी बनो यार

प्रिय दोस्तों               हमने कभी चिट्‌ठी नहीं लिखी, किसी को…

एक पत्र कवि की स्मृति को….!

गुरुवर प्रणाम ! आज आखिर यह क्यों? अब जबकि आप नहीं हैं.. आपकी स्मृति को यह…