वियना की यात्रा: हर शहर में कुछ न कुछ छोड़ आना चाहिए

यात्राएं बहुत कीं, पर लिखने की उमंग ने कभी ज़ोर नहीं मारा। पिछले वर्ष जब लिस्बन…

दिल्ली में नहीं, तेरे दिल में रहती हूं… रे पहाड़

ओ पहाड़! कैसा है रे!! तू सोचेगा वर्षों बाद याद कैसे आई। नहीं रे, भूली कहां…