अन्ना चौक की वो बेंच…

खत   मित्रवत शक्ति             ललित के विशेष आग्रह पर आज…

मलाल है उन शामों का जो हम साथ गुजारते थे

खत डिअर सेठ जी,               हां मैं जरा हैरान था.आज…

मैं तुम्हे मिस करता हूं.

खत डियर सेठ जी तुम्हे पुकारने को इससे बेहतर शब्द मेरे पास नहीं है. पिछले दो…

आपका प्रवीण

खत प्रिय ललित भाई आपसे कई सप्ताह हो गए, बात नहीं हुई | चिट्ठी भी लिखने…

प्रिय बहुत दिनों बाद आज कुछ पुराने खतों को पढ़ने बैठा, तो एक ख़त तुम्हारा भी मिला

खत प्रिय गिरिजेश! कैसे हो?  जानते हो ,बहुत दिनों बाद आज  कुछ पुराने खतों को पढ़ने…

प्यारे,ज़िद्दी भुला..मैं खत फाड़ दिया करता था

खत ये कमाल अब होना था, जब लोग इस विधा को ही भूल गए! दरअसल ये मैं…

नाराज मत होना साथी मुझ पर

खत रोहित वेमुला मैंने तुम्हारा सुसाइड नोट पढ़ा पढ़ा जो तुमने लिखा है और वह भी…

..काश मैं तुम्हारे कविता पाठ में शामिल हो पाती

खत मैं ठीक हूं। तुम भी ठीक ही होगे। कल तुम्हारा कविता पाठ रहा होगा। काश…

पहला खत- मैं गुनगुनाता हूं, कोई राग थिरकता है मेरे भीतर

ख… प्रिय अंकिता। कैसी हो? कामना है खुश होगी अब तुम पंवार से रासुरी हो गई…