घासी….और दद्दा की बत्तीस प्रेमिकाएं- आने वाले उपन्यास पर कुछ बात



ट्राम में एक याद

निधि उछोली की कहानी: माया और प्रेम

जुलाई का महीना था। शाम के चार बज रहे थे। बाहर उमस थी। आसमान बादलों से…

वरिष्ठ जनों और मुख्य अतिथियों की उपस्थिति में ACE ASPIRE पुस्तकालय का उद्घाटन

नोएडा एक्सटेंशन के एस एस्पायर सोसायटी में रविवार को लघु पुस्तकालय का उद्घाटन हुआ। सोसायटी के…

कोरोना काल: मैं- कमरूद्दीन के आम, हनुमान मंदिर, कुल्फ़ी, पान व भुट्टे वाला

जब मैं यह लिख रहा हूं.. जुलाई बीतने वाली है। फुटपाथ, सड़कें, गली-मोहल्ले कोरोना से निर्भय…

‘समय की नाक’ से लेकर ‘कहानियों के पैर नहीं होते’ तक डॉ. हरेंद्र असवाल की कुछ चुनिंदा कविताएं

         (1 ) समय की नाक नाक छोटी और विजन बड़ा रखने का…

मैं कोई धर्म बनाता तो ईश्वर को ‘पापा’ बनाता और खुद ‘बेटी’ होता

अंदर तक वादेसवा की तरह कोई सकूनी लफ़्ज मुझे लगता है तो वह है ‘पापा’। ऐसा…

उथल-पुथल से भरे मन के आवेग को शिथिल कर अवसाद की काई को हरिता में बदलती किताब

फ़िल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद सोशल मीडिया पर अवसाद को लेकर काफी…

लघु कहानी- हिलमणी का रेडियो

वॉइस कमांड के इस युग में हिलमणी होते तो बेटे का लाया रेडियो कभी नहीं तोड़ते।…

डॉ कुसुम जोशी की लघुकथा: ठुल कुड़ी

फिर उसने आमा से चिरौरी की “ठुल कुड़ी” दिखा दो आमा.. परसों कॉलेज खुल जायेगा और…