अभिनेता-निर्देशक भूपेश जोशी को सफदर हाशमी पुरस्कार देने की घोषणा

मशहूर रंगकर्मी भूपेश जोशी को साल 2018 के सफदर हाशमी पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई है। उत्तर प्रदेश की संगीत नाटक अकादमी की तरफ से उन्हें यह पुरस्कार नाट्य निर्देशन के क्षेत्र में मिलेगा। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से आने वाले भूपेश जोशी पिछले 25 से भी ज्यादा सालों से रंगमंच के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘गाथा’ नाम से अपना रंगमंच ग्रुप चलाते हैं।

भूपेश जोशी को उनके दमदार अभिनय के साथ ही बेजोड़ निर्देशक के तौर पर भी जाना जाता है। वह अपने अभिनय के जरिए किसी भी किरदार को सांरग बनाने में माहिर हैं। नाट्य क्षेत्र में एक बहुआयामी और एक्सपेरिमेंटल निर्देशक के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले भूपेश अपने नाटकों को समसामयिक मुद्दों और परिस्थितियों से जोड़ने की कला में माहिर माने जाते हैं।

भूपेश जोशी ने 60 से ज्यादा नाटकों में अभिनय किया है। इन नाटकों के देश-विदेश में 400 से ज्यादा शो हुए हैं। अपनी मेहनत और लगन के बदौलत भूपेश दा ने 40 से भी ज्यादा नाटकों का निर्देशन किया है। अनेक नाट्य महोत्सवों में इन नाटकों के साथ भागीदारी की है।

फीचर फिल्म पिंजर, चिंटू जी, किस्म लव पैसा दिल्ली, सौन चिरैया सहित विभिन्न फिल्मों में काम भी किया है। स्टार प्लस पर प्रसारित होने वाले सीरियल दहलीज और डीडी वन पर आने वाले तुम देना साथ मेरा, क्योंकि जीना भी इसी का नाम है, ये हवाएं और साहिर में अभिनय की छाप छोड़ी है। विभिन्न शॉर्ट फिल्म्स और डॉक्यूमेंट्रीज में काम किया है।

भूपेश जोशी ने भारतेंदू नाट्य अकादमी से 1999 में ड्रामा में ग्रेजुएशन किया और उसके बाद फिल्म, टीवी और रेडियो में लगातार काम किया। साल 2013 में भूपेश जोशी को दिल्ली सरकार की साहित्य कला परिषद ने युवा निर्देशक का पुरस्कार दिया। भारत सरकार उन्हें फैलोशिप भी दे चुकी है। हाल ही में उन्होंने मंडी हाउस स्थित श्री राम सेंटर में शंकर शेष के नाटक ‘एक और द्रोणार्चाय’ का निर्देशन किया है।

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